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राजस्व प्रशासन में समानता, पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता : (Date: 02-01-2026)

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व प्रशासन में समानता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद-14 के अनुरूप समान परिस्थिति वाले मामलों में समान निर्णय देना प्रत्येक राजस्व पदाधिकारी का संवैधानिक दायित्व है। किसी भी स्तर पर मनमानी, भेदभाव या दबाव में लिया गया निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के अंतर्गत स्तंभ-7 ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को तभी साकार किया जा सकता है, जब आम नागरिक को यह भरोसा हो कि उसकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष एवं एकरूप कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, अतिक्रमण हटाने तथा सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में सभी अधिकारियों को स्पष्ट, सकारण और विधिसम्मत आदेश पारित करने होंगे। सभी राजस्व पदाधिकारियों से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है।

इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि सभी राजस्व पदाधिकारी संविधान के अनुच्छेद-14 और समता के सिद्धांत (प्रिंसिपल ऑफ पैरिटी) का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे। पत्र में यह भी कहा गया है कि कई मामलों में विधिक ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव में समान मामलों में भिन्न-भिन्न आदेश पारित किए जा रहे हैं, जिससे लोक विश्वास कमजोर होता है। ऐसे मामलों में सख्त अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिला समाहर्ताओं को सौंपी गई है।