फार्मर रजिस्ट्री व जमाबंदी सत्यापन में आएगी तेजी, मिशन मोड में होगा काम- (Date: 03-01-2026)
राज्य के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित और पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री और जमाबंदी सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इस संबंध में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा और विभागीय सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचल अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों को जमाबंदी के बकेट क्लेम और सत्यापन का कार्य मिशन मोड में करने का निर्देश दिया।
इस कार्य की प्रगति की समीक्षा तीन जनवरी 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। समीक्षा बैठक में सभी जिलों के समाहर्ता (डीएम), कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री और जमाबंदी सत्यापन की निगरानी केंद्र सरकार स्तर से भी की जा रही है।
राजस्व विभाग की प्रगति कम, बढ़ाने पर जोर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग द्वारा सत्यापित ई-केवाईसी की प्रगति लगभग 31 प्रतिशत है, जबकि राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी के बकेट क्लेम और सत्यापन की प्रगति मात्र 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसे अत्यंत कम मानते हुए विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
दो चरणों में होगी समीक्षा
फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव द्वारा दो चरणों में समीक्षा की जाएगी। पहला चरण छह जनवरी से नौ जनवरी 2026 तक और दूसरा चरण 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक निर्धारित किया गया है। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टल पर प्रतिदिन अनिवार्य रूप से जमाबंदी के बकेट क्लेम और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
किसानों को होगा सीधा लाभ
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजना है। इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और भविष्य में सभी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।