News

44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी पूरा, 12 लाख की बनी फार्मर आईडी- (Date: 12-01-2026)

पटना, 
राज्य में एग्रीस्टैक महाअभियान के तहत अब तक 44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी पूरा कर लिया गया है, जबकि 12 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है। इनमें 7 लाख 58 हजार से अधिक पीएम-किसान लाभार्थी शामिल हैं। राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि 21 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान के अंतर्गत किसानों का पंजीकरण बिहार सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, कृषि विभाग, जिला प्रशासन और फील्ड स्तर पर तैनात कर्मियों के आपसी समन्वय एवं समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यूनिक किसान आईडी के माध्यम से पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलेगा, जिससे किसान समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से अभियान की अवधि को 21 जनवरी तक विस्तारित किया गया है।

अभियान के दौरान कई जिलों ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल कर बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल प्रस्तुत किया है। इनमें मुजफ्फरपुर, वैशाली, अररिया, भागलपुर और कटिहार प्रमुख हैं। वहीं मधुबनी, बेगूसराय, समस्तीपुर, सीवान, सारण और कैमूर जिलों में 40 से 70 प्रतिशत तक उपलब्धि दर्ज की गई है। विभागीय आकलन के अनुसार हल्का कर्मचारियों, सीएससी और डीईओ के बेहतर समन्वय से इन जिलों को शीघ्र ग्रीन जोन में लाया जा सकता है। पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, पटना, लखीसराय और मुंगेर जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम उपलब्धि रही है।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि पटना जिले की हथियाकांध पंचायत में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी प्रक्रिया का स्थल निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसमें भूमि संबंधी विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है। यह परियोजना पायलट के रूप में सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और भागलपुर के दो-दो राजस्व ग्रामों में शुरू की गई थी।