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अविवादित भूमि की मापी 7 दिन में, विवादित मामलों का निपटारा 11 दिन में- (Date: 15-01-2026)

राज्य में भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब अविवादित जमीन की मापी अधिकतम सात दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, जबकि विवादित मामलों में यह प्रक्रिया 11 दिनों में संपन्न होगी। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की गई है।

राज्य सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य आम नागरिकों को भूमि से जुड़े मामलों में त्वरित राहत प्रदान करना है। जानकारी के अनुसार, यह नई व्यवस्था 26 जनवरी से पूरे राज्य में लागू होगी और इसे विशेष महाअभियान के रूप में 31 मार्च तक चलाया जाएगा।

नई प्रणाली के तहत भूमि मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य होगा। अविवादित मामलों में आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर अमीन को मापी का निर्देश जारी किया जाएगा और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विवादित मामलों में यह प्रक्रिया अधिकतम 11 दिनों में पूरी की जाएगी।

मापी से संबंधित रिपोर्ट को 14 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और आवेदक स्वयं अपनी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, सभी आवेदकों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचनाएं दी जाएंगी।

सरकार ने मापी शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क कम रखा गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए अलग दरें तय की गई हैं। जरूरतमंद और गरीब आवेदकों को इस अभियान के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह पहल राज्य के भूमि सुधार कार्यक्रम को मजबूत बनाएगी और आम जनता को लंबे समय से चली आ रही भूमि विवादों से राहत मिलेगी।