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जाली भूमि दस्तावेजों पर सख्ती: प्राथमिकी अनिवार्य, सात साल तक की सजा का प्रावधान- (Date: 14-02-2026)

राज्य में जमीन से संबंधित जाली दस्तावेजों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने विधानसभा में विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान घोषणा की कि ऐसे मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि 12 दिसंबर से प्रमंडलवार “कल्याण संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी से जुड़े मामलों का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास होगा। समान प्रकृति की समस्याओं के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तय की जा रही है। राजस्व अभिलेखों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा एक जनवरी से परंपरागत ‘चिरकुट’ व्यवस्था के माध्यम से दस्तावेज निर्गत करने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है।

लंबित मामलों में कमी, निष्पादन दर में सुधार

उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन 75 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों का अनुपात 25 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत पर आ गया है। विवाद रहित दाखिल-खारिज के लिए 14 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। भूमि मापी के लिए ई-मापी प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों में सुधार होगा।

विपक्ष की गैरमौजूदगी में विधानसभा ने विभाग के 21 अरब 90 करोड़ 15 लाख 1 हजार रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा के दौरान वाकआउट किया।

16,584 पदों पर होगी नियुक्ति

डिप्टी सीएम ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 16,584 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है। राजस्व कर्मचारी के 3,303 नए पद सृजित किए गए हैं। पहले स्वीकृत 8,472 पदों की तुलना में अब कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है, जबकि वर्तमान में लगभग 3,767 कर्मी कार्यरत हैं।

रिक्त पदों को भरने के लिए वर्ष 2023 में 3,559 पदों पर बहाली हेतु अधियाचना Bihar Staff Selection Commission को भेजी गई थी। शेष रिक्तियों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद वर्ष 2025 में 4,492 पदों के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित किया गया है।

इसी प्रकार, राज्य में अमीन के 2,502 स्वीकृत पदों में से लगभग 1,199 कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों में से 765 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार का दावा है कि इन नियुक्तियों से अंचल स्तर पर लंबित मामलों के निष्पादन, अभिलेख संधारण और जनसेवा में उल्लेखनीय सुधार होगा।