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जमीन मामलों में अनियमितता पर सख्ती : दाखिल-खारिज वादों में अनावश्यक विलंब नहीं होगा, दोषी अफसरों पर कार्रवाई तय (Date: 17-02-2026)

पटना, संवाददाता।
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने स्पष्ट किया है कि जमीन से जुड़े मामलों में जिस अवधि में अनियमितताएं हुई हैं, उस समय पदस्थापित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज वादों तथा अन्य राजस्व मामलों में अब अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंगलवार को बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने “सक्षम न्यायालय” और “लंबित” शब्द की स्पष्ट परिभाषा जारी कर दी है, ताकि अनावश्यक विलंब की गुंजाइश समाप्त हो सके।

यह ध्यानाकर्षण सूचना मनीष कुमार, जनक सिंह, मिथिलेश तिवारी, श्याम रजक, प्रमोद कुमार, संतोष कुमार निराला, मंजीत कुमार सिंह एवं अरुण मांझी द्वारा दी गई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि बिहार राज्य आवास बोर्ड से विधिवत आवंटन के बिना ही विभागीय कर्मियों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से अमित डालमिया द्वारा जमीन पर कब्जा और अवैध निर्माण किया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।


सभी नगर निकायों में बनेंगे विद्युत शवदाह गृह

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के सभी शहरों और प्रमुख नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह स्थापित किए जाएंगे। लोजपा (आर) के विधायक राजू तिवारी के ध्यानाकर्षण के जवाब में उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 264 नगर निकाय हैं, जिनमें से 41 में यह योजना क्रियान्वित की जा रही है, जबकि 11 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अंतिम संस्कार की आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।