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सरकारी जमीन की सूचना देने वालों को मिलेगा सम्मान : (Date: 18-02-2026)


नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार की नीतीश सरकार ने प्रदेश में जमीन विवाद को जड़ से खत्म करने और सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधान परिषद में बजट बहस के दौरान स्पष्ट कर दिया है कि अब भू-माफियाओं के खिलाफ सीधी और निर्णायक जंग होगी। बिहार सरकार ने भूमि विवाद और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधान परिषद में बजट पर जवाब देते हुए घोषणा की कि राज्य के सभी सर्किल
में सक्रिय भूमाफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक सर्किल से कम से कम दो बड़े भूमाफियाओं की सूची तैयार करें और उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सरकार का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखना और आम लोगों को भूमि विवाद से राहत देना है। डिप्टी सीएम ने जनता को सरकार के साथ जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की घोषणा की है। अब जो भी जागरूक नागरिक अपने अंचल में सरकारी जमीन की पहचान करने या अतिक्रमण की जानकारी देने में प्रशासन की मदद करेंगे, सरकार उन्हें विशेष समारोह आयोजित कर सम्मानित करेगी। इस पहल को प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विजय सिन्हा ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य हर हाल में सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इतना ही नहीं,
जिन अंचलों से भूमि विवाद की सबसे अधिक शिकायतें आएंगी, उपमुख्यमंत्री स्वयं वहां जाकर जमीनी हकीकत की समीक्षा करेंगे और ऑन-द-स्पॉट समस्याओं का समाधान निकालेंगे। राजस्व विभाग में कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह अपना लिया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एक जनवरी से पुराने 'चिरकुट' आधारित दस्तावेजों की व्यवस्था खत्म कर दी गई है और अब सभी अंचलों में आधुनिक रिकार्ड रूम बनाने का काम चल रहा है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सरकार एक वर्ष के भीतर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 11,584 रिक्त पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी कर लेगी।