जाली प्रमाण पत्र पर नौकरी लेने वाले सीओ बर्खास्त- (Date: 22-02-2026)
जाली और कूट रचित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने के मामले में सुपौल सदर के पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज को राज्य सरकार ने सेवा से विमुक्त (बर्खास्त) कर दिया है। शुक्रवार को राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है और सरकारी सेवा में किसी भी प्रकार की जालसाजी या कूट रचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
जांच के दौरान यह सामने आया कि चयन के समय वर्ष 2006 की माध्यमिक परीक्षा का अंकपत्र और प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया था। बताया गया कि उक्त परीक्षा एसटीएसवी हाई स्कूल, मनमोहन (मधुबनी) से उत्तीर्ण की गई थी। साथ ही, वर्ष 2004 में धर्मेंद्र कुमार के नाम से भी परीक्षा उत्तीर्ण करने का मामला प्रकाश में आया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।