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हड़ताल से नहीं लौटने वाले भू-राजस्व पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज : (Date: 11-03-2026)

पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि राजस्व पदाधिकारी और कर्मचारी जल्द अपने आंदोलन से वापस नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है। विभागीय कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में जुटी है।

मंत्री ने सोमवार को मुख्य सचिवालय स्थित विभागीय मंत्री कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अंचलाधिकारी कुछ लोगों के बहकावे में आ गए हैं। उन्होंने उनसे अपील की कि समय रहते काम पर लौट आएं। उन्होंने कहा कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी न समझा जाए और जनता के कामकाज को बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीसीटीवी कैमरे से होगी अंचल कार्यालयों की निगरानी

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 19 जनवरी 2026 से सभी राजस्व कार्यालयों में ऑनलाइन सुनवाई शुरू की गई है। साथ ही सभी अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर ली गई है, ताकि कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। कुछ स्थानों पर यह व्यवस्था लागू भी कर दी गई है। इसके लिए सरकार ने प्रति अंचल लगभग सवा लाख रुपये के हिसाब से करीब सात करोड़ रुपये जारी किए हैं।

उन्होंने बताया कि डीसीएलआर और एडीएम के न्यायालयों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे कामकाज की पारदर्शिता बढ़ेगी।

जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे की समयसीमा तय

मंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सरकार ने समयसीमा तय की है। जमीन की मापी, दाखिल-खारिज और अन्य प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित समय में ही काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखें और जमीन से जुड़े मामलों में बिना सक्षम आदेश के हस्तक्षेप न करें।

सरकार ने वंशावली निर्माण, पारिवारिक बंटवारा, दाखिल-खारिज आवेदन को एक साथ करने और अभिलेखों को ऑनलाइन करने जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की हैं। साथ ही चिरकुट फाइल से नकल निकालने की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।