100 दिनों में शहरी विकास को नई रफ्तार, पारदर्शिता और सुशासन पर जोर, अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार- (Date: 25-03-2026)
पटना: नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा बीते 100 दिनों में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों को लेकर माननीय उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि बीते 100 दिनों में विभाग ने पारदर्शिता, सुशासन और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
श्री सिन्हा ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अब केवल जीविकोपार्जन एजेंसियों को ही होर्डिंग लगाने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत मीट शॉप के संचालन एवं हाइजीन हेतु लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। अवैध मीट बिक्री पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है, जिससे स्वास्थ्य और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि स्ट्रीट वेंडरों के सत्यापन के लिए डिजिटल प्रणाली लागू की गई है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य लाभुकों को ही लाभ मिल सकेगा। राज्य में 39,573 फुटपाथ विक्रेताओं के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 31,428 लाभुकों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
आवास योजनाओं के तहत 6,843 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 27,872 आवास लिंटल स्तर पर तथा 51,692 आवास प्लिंथ स्तर पर निर्माणाधीन हैं। इससे शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में तेजी आई है।
इसके अतिरिक्त शहरी परिवर्तन मिशन के अंतर्गत जलापूर्ति, सीवरेज एवं स्वच्छता से जुड़ी कई परियोजनाओं पर कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए 35 नगर निकायों में प्रोसेसिंग फैसिलिटी और कंपोस्ट प्लांट स्थापित किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि एलईडी लाइट वितरण के लिए 21 नगर निकायों में कार्य जारी है। ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार और जलापूर्ति कार्यों में भी तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।