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खनन लीज सरेंडर करने वाली कंपनियां टेंडर में नहीं होंगी शामिल: (Date: 26-03-2026)

पटना: खान एवं भूतत्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां पहले खनन लीज सरेंडर कर चुकी हैं, उन्हें अब नए टेंडर में शामिल नहीं किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विकास भवन स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। अब तक विभाग को 3252 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है और शेष लक्ष्य को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 78 बालू घाटों में से जिन कंपनियों ने बिना राजस्व लक्ष्य पूरा किए लीज सरेंडर कर दिया, उन्हें भविष्य में टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने वर्ष 2021-22 में 1600 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया था, जबकि 2024-25 में इसमें दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

केंद्र सरकार द्वारा ग्लूकोनाइट, निकेल, क्रोमियम और प्लेटिनियम के चार महत्वपूर्ण खनन ब्लॉकों का टेंडर किया गया है, जिससे राज्य को राजस्व में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने 24 प्रतिभागियों को ‘बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। योजना के तहत अवैध खनन या ढुलाई में शामिल वाहनों और ट्रैक्टरों को पकड़वाने पर 5 हजार से 10 हजार रुपये तक का पुरस्कार देने का प्रावधान है। 12 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में 72 लोगों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है।