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पहले 38 जिलों में 30 जगहों पर पत्थर खनन होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आएगी तेजी 78 कंपनियों ने सरेंडर किए लाइसेंस, 600 करोड़ का नुकसान; अब ब्लैकलिस्टेड होंगी- (Date: 02-04-2026)

बिहार में बालू और पत्थर खनन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य में पहली बार बिहार राज्य खनन निगम (बीआरएसएमसी) को 9 बालू घाट आवंटित किए गए हैं, जिससे खनन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

सरकार के अनुसार, खनन कार्य को तेज करने और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने के लिए 38 जिलों में 30 स्थानों पर पत्थर खनन शुरू किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।

इसी बीच, नियमों का पालन न करने और समय पर कार्य शुरू न करने के कारण 78 कंपनियों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। इससे राज्य को लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने ऐसे सभी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में वे किसी भी खनन परियोजना में भाग न ले सकें।

खनन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन कंपनियों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नई नीति के तहत पारदर्शिता बढ़ाने और राजस्व हानि को रोकने के लिए कड़े प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।

पहली बार बीआरएसएमसी को 9 बालू घाट आवंटित
सरकार ने खनन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बिहार राज्य खनन निगम को 9 बालू घाटों का आवंटन किया है। इससे अवैध खनन पर रोक लगेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।

अवैध बालू उठाव पर लगेगा 10 लाख तक जुर्माना
अवैध खनन और बालू उठाव को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। नए नियमों के अनुसार, अवैध खनन करते पकड़े जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित वाहनों और उपकरणों को जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी, राजस्व बढ़ेगा और राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।