नई दिल्ली: भारत ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। वर्ष 2025-26 में देश ने 6.05 गीगावाट की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है।
इस उपलब्धि के साथ भारत की कुल पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि देश की हरित ऊर्जा नीतियों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पवन ऊर्जा क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक होगा, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा।